Thursday, October 2, 2014

इंतज़ार




आज आश्विन क़ी अष्टमी है 
बापू का भी जन्मदिन है 
 खुशियां आपार  हैं
 फिर भी  तुम्हारा इंतज़ार 

बिटिया के हाथ पीले कर दिए 
मेहँदी भी खूब रची 
खुशियाँ आपार  हैं 
फिर भी  तुम्हारा इंतज़ार है 

विदेश घूमने गए 
खूब मस्ती लूटी 
खुशियाँ आपार  हैं 
फिर भी  तुम्हारा इंतज़ार है 


माँ और पिता पास ही हैं 
खूब आशिर्ववाद हैं उनका 
खुशियाँ आपार   हैं 
फिर भी तुम्हारा इंतज़ार है 

बिटिया बड़ी हो गयी 
अपने पैरों पर खड़ी  हो गयी 
खुशियाँ आपार हैं  
फिर भी तुम्हारा इंतज़ार है 

मन मैं शिव की जोत जल गयी 
अत्यंत  तृप्ति मिल गयी 
खुशियाँ आपार  हैं 
फिर भी तुम्हारा इंतज़ार है 

ईश्वर ने बहुत कुछ दिया 
और आगे भी देगा 
खुशियाँ आपार  हैं 
फिर भी  तुम्हारा इंतज़ार है 

जो ख़ुशी हासिल करना चाहती 
वो तुमसे और सिर्फ तुमसे ही मिलेगी 
इस लिए 
तुम्हारा इंतज़ार है, तुम्हारा इंतज़ार है 

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